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शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 23 की उप-धारा (1) के प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने दिनांक 23 अगस्त, 2010 और दिनांक 29 जुलाई, 2011 की अधिसूचना के तहत कक्षा I से VIII तक शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होने हेतु किसी व्यक्ति के लिए न्यूनतम योग्यताएं निर्धारित की गई थी। अन्य बातों के साथ-साथ इसमें व्यवस्था की गई थी कि किसी विद्यालय में शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु व्यक्ति के लिए आवश्यक योग्यताओं में से एक आरटीई अधिनियम की धारा-2 के खण्ड (एन) में निर्दिष्ट है कि उसे शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में उत्तीर्ण होना चाहिए जिसका आयोजन एनसीटीई द्वारा बनाए गए मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार समुचित सरकार द्वारा किया जाएगा।

एक शिक्षक के रूप में नियुक्ति का पात्र होने हेतु एक व्यक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में टीईटी को शामिल करने का तर्क आधार इस प्रकार है:-

  1. यह भर्ती प्रक्रिया में शिक्षक गुणवत्ता का राष्ट्रीय स्तर और मानक लाएगा।
  2. यह इन संस्थानों से शिक्षक, शिक्षा संस्थानों और छात्रों को अपने निष्पादन स्तरों में आगे सुधार के लिए प्रेरित करेगा।
  3. इससे सभी साझेदारों को एक सकारात्मक संकेत जाएगा कि सरकार शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष जोर दे रही है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, दिल्ली को केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी है।